“कुछ आयुर्वेदिक घरेलू उपाय”
March 14th, 2019 | Post by :- | 13 Views

मुकेश वशिष्ट:-  कोई भी उपाय प्रयोग में लाने से पहले अपने विवेक का इस्तमाल अवश्य कीजिए व चाहे तो अपने किसी एक्सपर्ट से सलाह मशवरा अवश्य कर लें |  इसमें चैनल की कोई प्रकार की कोई जिम्मेदारी नही हैं | यह मात्र जनहित में व प्रयोग में लाये हुए उपचार हैं | 

                सूखी त्वचा(Dry skin) के लिए घरेलू नुस्खा–

  1. आधा कप दही में एक चम्मच पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी, आधा नींबू निचोडकर मिलाकर चेहरे, हाथ,पैरों पर मलकर लेप कर दें और आधे घंटे बाद धोलें ।इससे त्वचा का रूखापन दूर हो जायेगा।
  2. सूखी त्वचा पर हल्दी और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें तथा त्वचा पर लेप करके आधे घंटे बाद धोलें, इससे त्वचा का रूखापन दूर हो जायेगा ।

        एड़ियों का फटना-:

पपीते के छिलकों को सुखाकर और पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। फिर इस चूर्ण में ग्लिसरीन मिलाकर दिन में 2 बार कटी-फटी एड़ियों और पैरों पर लगाने से बहुत जल्दी लाभ होता है।

           खांसी का घरेलू नुस्खा–

    एक नींबू को पानी में उबालकर एक कप में निचोडकर दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह शाम लेने से खांसी में लाभ होता है ,और सीने में जमा हुआ बलगम पिघलकर बाहर आ जाता है ।

             तैलीय त्वचा(ऑयली स्कीन) का घरेलू नुस्खा–

   चौथाई (1/4)कप खीरे के रस में चार चम्मच बेसन, चार चम्मच दही, आधा नींबू निचोडकर अच्छी तरह मिलाकर चेहरे तथा हाथ पैरों पर मलकर लेप की तरह लगाकर आधे घंटे बाद धोकर साफ कर दें।

             कफ निकालने के लिए घरेलू नुस्खा-

 हल्दी, अजयवान और सौंठ तीनों को 20-20ग्राम की मात्रा में लेकर पीस लें ।आधा चम्मच चूर्ण में शहद मिलाकर दिन मे दो बार चाटने से छाती में जमा कफ आसानी निकल जाता है ।

               बच्चों की हाइट बढ़ाना–

    बच्चों की लंबाई बढ़ाने के लिए गाजर,टमाटर और चुकंदर का ज्यूस रोज पीएं।साथ ही रस्सी कूद भी करें। इससे पेट भी साफ रहेगा और मुहांसे भी ठीक होते हैं।

गाजर 4भाग

टमाटर 2भाग

चुकंदर 1 भाग

              कब्ज का परीक्षित घरेलू नुस्खा-

 सब रोगों की जड़ कब्ज है। इसलिए यह नुस्खा जरुर उपयोग में लेना चाहिए।

4 चम्मच एलोवेरा ज्यूस

1 चम्मच नींबू का रस

1/4 अदरक का रस और

1 चुटकी काला नमक।

इन सबों को मिलाकर सुबह खाली पेट लें, और लेने के आधा घंटे तक कुछ नहीं खाएं।अगर सुबह नहीं ले सकते हैं तो शाम को खाना खाने के एक घंटे पहले लें।और अगर बहुत पुरानी कब्ज है तो सुबह-शाम भी ले सकते हैं। लगातार 1-2 महिने तक ले सकते हैं।

यह नुस्खा लीवर व आंतो को भी ठीक करता है।और गैस होना, पेट फूलना,फैटी लीवर होना और एसिडिटी जैसी बीमारी के लिए भी अच्छा कारगर है।

   समस्त बीमारियों से बचाव के उपचार—

  1. रात में 500ग्राम पानी कांच या मिट्टी के बर्तन में डालकर उसमें एक जव हरड़ (या छोटी हरड़). चार सूखे आंवले की कलियाँ, 21दाने मैथीदाना के डालकर भिगो दें।इसे मसल छानकर सुबह खाली पेट हमेशा पीने से मोटापा, मधुमेह आदि सभी बीमारियों से बचाव होता है।सभी प्रकार के दर्द में राहत मिलती है और पेट साफ रहता है।
  2. मैथीदाना 200ग्राम, अजयवान 200ग्राम, छोटी हरड़ 200ग्राम, सौंफ 100ग्राम, काला नमक 100ग्राम (या स्वादानुसार) इन पाँचों को कूट- पीस-छानकर बारीक पाउडर बना लें, परंतु मैथीदाना का पाउडर बारीक न बनाकर दरदरा (थोड़ा मोटा) रखें । सबको अच्छी तरह मिलाकर शीशी में भरकर रख लें ।

इस पाउडर को दो चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी से सोते समय लेने से सुबह पेट अच्छा साफ होता है और बहुत सारी बीमारियों से बचाव होता है। अधिक रूकावट होने पर तीन दिन लगातार लेने से आंतों की सफाई हो जाती है।

     सर्वदा स्वस्थ रहने के उपाय-

  1. सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठे ।

2.सुबह बासी मुँह 2-4 गिलास जल पीने की आदत डालें । जल हमेशा बैठकर पीएं ।

  1. सुबह नित्य-कर्म से निवृत होकर कम से कम 2-3 कि.मी. तेज चाल से टहलें।
  2. रोज सुबह 15-30 मिनट व्यायाम और योगासन करें ।
  3. नाश्ते में अंकुरित आहार को शामिल करें, इसे अमृतान्न कहते हैं । इसे खूब चबा चबाकर खाएँ तथा दूध भी धीरे- धीरे घूंट बनाकर पीएं ।
  4. भोजन को खूब चबा चबाकर खाएँ । दांतों का काम आंतों से न लें ।रोटी को इतना चबाएँ कि लार के साथ मिलाकर पेट में चला जाये।इससे कब्ज भी नहीं होगी।
  5. भूख लगे तब ही खायें । खाने में 20% पेट खाली रखें ।
  6. बार-बार नहीं खाएँ तथा ठूँस ठूँस कर नहीं खाएँ । पेट को कूड़ा दान नहीं बनाएँ ।
  7. दोनों समय भोजन के बाद 8 श्वास दाहिनी करवट लेटकर लें, 16 श्वास सीधी करवट तथा 32 श्वास बायीं करवट लेटकर लें । इससे पाचन ठीक होता है ।इसके बाद वज्रासन जरूर करें ।
  8. दोनों समय भोजन के बाद मूत्रत्याग जरूर करें, इससे पथरी की शिकायत नहीं होने पाती।

11.भोजन के लगभग आधा घंटे पहले और एक घंटे बाद पानी पीएं ।

12.शरीर के किसी भी वेग को नहीं रोके जैसे- *मल, मूत्र, छींक,  जँभाई,भूख,प्यास,नींद,आंसू, डकार,अपानवायु       इत्यादि ।

  1. हमेशा लंबी- लंबी श्वास लेने की आदत डालें ।
  2. मूत्र त्याग करते समय दांतों को भींच कर रखें तथा मूत्र को वेग से न छोड़कर बीच-बीच में रोककर करें ।ऐसा करने से पौरूषग्रन्थि की शिकायत नहीं होगी ।
  3. नहाने के पहले मूत्र-त्याग जरूर करें ।

16.सोते समय हमेशा सिर दक्षिण दिशा की तरफ रखकर सोयें।

इसलिए  कहा गया है कि — पहला सुख निरोगी काया

दुसरे नम्बर वाले उपचार में यदि आवला भी मिलाये तो सही है क्या |

50 की उम्र में भी दिखना हो 25 का तो करें गुड़ का इस्तेमाल सेहतमंद रहने के लिए |

बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखता है। जिसके चलते झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगते हैं। बुढ़ापे के इस प्रभाव को कम करने के लिए गुड़ का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद है। इसे आप अपने खाने में शामिल करने के अलावा इसके फेस पैक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

1.गुड़ में एंटी ऑक्सीडेंट होता है जो फ्री रैडिक से लड़ने में मदद करता है। इसलिए रोजाना थोड़ा गुड़ खाने से झुर्रियां नहीं पड़ती हैं।

2.गुड़ खाने से चेहरे के काले धब्बे और पिंपल्स आदि दूर होते हैं। आप चाहे तो इसे फेस पैक के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए 1 चम्मच गुड़ में 1 चम्मच टमाटर का रस, आधा नींबू का रस, चुटकीभर हल्दी और थोड़ी गरम ग्रीन टी पेस्ट बना लें। अब इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट तक के लिए लगा रहनें। अब सामान्य पानी से चेहरा धो लें।

3.गुड़ में मुल्तानी मिट्टी, दही और पानी मिलाकर बनाए गए पेस्ट को बालों में लगाने से ये घने, मुलायम और रेशमी बनते हैं। इससे बालों की चमक भी बढ़ती है।

4.गुड़ में मिनरल्स और विटामिन्स होने के कारण यह क्लींजर का अच्छा काम करता है। गुनगुने पानी में गुड़ मिलाकर लेने से त्वचा के पोर्स में मौजूद गंदगी निकल जाती है। जिससे स्किन चमकदार लगती है।

5.गुड़ की चाय पीने या इसे चबाकर खाने से कब्ज की शिकायत दूर होती है। क्योंकि ये खाने को पचाने में बहुत उपयोगी साबित होता है। इसे खाने से गैस नहीं बनती है।

6.गुड़ एक तरह का प्राकृतिक रक्त शोधक है। इसलिए रोजाना इसे खाने से खून साफ होता है। जिससे कील-मुंहासे, काले धब्बे एवं अन्य त्वचा संबंधित कोई बीमारी नहीं होती है।

7.गुड़ खाने से खून की कमी यानि एनीमिया नामक बीमारी से भी बचाव होता है। चूंकि इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं, इसलिए ये शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

8.गुड़ को अदरक के साथ गर्म करके खाने से सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है। इससे गले की खराश भी दूर होती है।

9.गुड़ और अदरक में एंटी हीलिंग और एंटी बॉयोटिक नामक तत्व होते हैं। इसलिए रोजाना गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। ठीक होती है।

10.रोजाना रात को सोने से पहले दूध में गुड़ डालकर खाने से अच्छी नींद आती है। साथ ही कमजोरी भी दूर होती है।