ग्रुप-सी पदों और स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों के कि लिखित परीक्षा के लिए 90 अंकों की होगी
June 21st, 2019 | Post by :- | 100 Views

चंडीगढ़,  ( महिन्द्र पाल सिंहमार )   ।     हरियाणा सरकार ने ग्रुप-सी पदों और स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों के चयन हेतू लिखित परीक्षा, सामाजिक-आर्थिक मानदंड और अनुभव मानदंडों में संशोधन किया है। इस बारे में हरियाणा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (सामान्य सेवाएं) ने अधिसूचना जारी कर दी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि संशोधन के अनुसार आयोग गु्रप ख पद अर्थात विद्यालय शिक्षा विभाग में अध्यापक, शैक्षिक पर्यवेक्षक तथा अध्यापक शिक्षक तथा सभी विभागों में ग्रुप ग पदों के लिए लिखित परीक्षा, सामाजिक-आर्थिक मानदंड और अनुभव के आधार पर संबंधित उम्मीदवारों का चयन तथा नामों की सिफारिश करेगा। आयोग का प्रश्नों की संख्या, प्रति प्रश्न अंक तथा लिखित परीक्षा की कालावधि को निर्धारित करने की स्वतंत्रता होगी। पद के चयन के संबंध में अंकों की योजना में कुल 100 अंक होंगे, जैसा कि लिखित परीक्षा के लिए 90 अंक और सामाजिक-आर्थिक मानदंड और अनुभव के लिए दस अंक है।

उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा 90 अंकों की होगी जोकि दो भागों में समाविष्ठï करते हुए विभाजित की जाएगी जिसमें सामान्य ज्ञान, विवेक बुद्धि, गणित, विज्ञान, कम्पयूटर, अंग्रेजी, हिन्दी तथा यथा लागू सम्बद्ध या सुसंगत विषय के लिए 75 प्रतिशत अधिमान और हरियाणा के इतिहास, सामयिक मामलों, साहित्य, भूगोल, नागरिक शास्त्र, पर्यावरण, संस्कृति इत्यादि के लिए 25 प्रतिशत अधिमान हैं।

उन्होंने बताया कि सामाजिक-आर्थिक मानदंड तथा अनुभव के लिए दस अंक होंगे जो इस प्रकार से आंबटित किए जाएंगें, यदि न तो आवेदक और न ही आवेदक का परिवार अर्थात पिता, माता, पति-पत्नी, भाईयों और बेटों में से कोई भी व्यक्ति, हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी विभाग, बोर्ड, निगम, कपंनी, बैधानिक निकाय, आयोग, प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी है, था या रहा है, के लिए पांच अंक है। उन्होंने बताया कि यदि आवेदक विधवा है, या प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु बयालीस वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो गई हो, प्रथम या द्वितीय बालक है और आवेदक के पंद्रह वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसके पिता की मृत्यु हो गई है, के लिए पांच अंक है।

प्रवक्ता ने बताया कि यदि आवेदक ऐसे अनुअधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति और टापरीवास जाति) या हरियाणा राज्य की घुमंतू जनजाति से संबंधित है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछडा वर्ग है, के लिए पांच अंक है। इसी प्रकार, अनुभव: हरियाणा सरकार के किसी विभाग, बोर्ड, निगम, कपंनी, वैधानिक निकाय, आयोग, प्राधिकरण में समान या उच्चतर पद पर अधिकतम सोलह वर्षों के अनुभव के प्रत्येक वर्ष या छह मास से अधिक के उसके भाग के लिए आधा अंक। छह मास से कम किसी अवधि के लिए कोई भी अंक नहीं दिया जाएगा अर्थात अधिकतम आठ अंक है और किसी भी आवेदक को, किसी भी परिस्थिति में सामाजिक-आर्थिक मानदंड तथा अनुभव के लिए कुल दस अंकों से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।

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