हिमाचल के 6 जिलों में शुरू होगी बीएससी नर्सिंग, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
June 15th, 2019 | Post by :- | 103 Views

लोकहित एक्सप्रेस (हिमाचल)-स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में एनएचएम के माध्यम से जल्द जन निजी भागीदारी से पूर्ण विकसित डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में खाली पद जल्द भरे जाएंगे।

टांडा, धर्मशाला, चंबा, हमीरपुर, नाहन, मंडी में बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। वह शुक्रवार को कॉलेज के सभागार में रैबीज के खिलाफ कंसोर्टियम के सातवें दो दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ पर बोल रहे थे।

सम्मेलन सामुदायिक चिकित्सा विभाग टांडा ने करवाया। इसमें देश के 11 राज्यों के लगभग 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों में विशेषज्ञ चिकित्सा चिकित्सक, पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विशेषज्ञ, पर्यावरण स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार ‘संपूर्ण स्वास्थ्य योजना’ शुरू करने जा रही है। प्रथम चरण में 12 स्वास्थ्य संस्थानों को संपूर्ण अस्पतालों में परिवर्तित किया जाएगा। इनमें कुछ जिला अस्पताल भी शामिल हैं।

इन अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे तृतीयक स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों के लिए रेफरल केसिस की ऑनलाइन मॉनीटरिंग हो सकेगी।

पार्किंसन, कैंसर, पैरालिसिस, मस्कुलर, डिस्ट्रफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, रीनल फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है।

नई ‘सहारा योजना शुरू’ की

इन्हें वित्तीय सहायता देने के लिए एक नई ‘सहारा योजना शुरू’ की है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को वित्तीय सहायता के रूप में दो हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

नगरोटा बगवां के विधायक अरुण कुमार ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों से जागरूकता बढ़ेगी। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य भानू अवस्थी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

डॉ. अनुराग अग्रवाल तथा डॉ. अशोक पांडा ने रैबीज के बारे में बताया। राज्य टीबी रोग अधिकारी डॉ आरके बारिया ने मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना पर जानकारी दी।

अध्यक्ष डॉ. रमन कुमार ने जूनोसिस के प्रबंधन में प्राथमिक देखभाल, अध्यक्ष क्षेत्रीय टास्क फोर्स, नॉर्थ जोन डॉ. एके भारद्वाज ने टीबी मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को पाने के लिए आरएनटीसीपी में मेडिकल कॉलेजों और नवीनतम नीति अद्यतन की भूमिका पर प्रकाश डाला।

डब्ल्यूएएचओ के सलाहकार डॉ. रविंद्र कुमार तथा डॉ. मोहन कोहली ने भी विचार रखे। राज्य एविडेमियोलॉजिस्ट और मास्टर ट्रेनर आईडीआरवी पद्मश्री डॉ. उमेश भारती ने भी मार्गदर्शन किया।

✒ लोकहित एक्सप्रैस में पत्रकार बनने लिए सम्पर्क करें।