600वां यौम-ए -शहादत पर कायम खां को किया याद
June 14th, 2019 | Post by :- | 37 Views

चूरू, । कायमखानी क़ौम के संस्थापक मरहूम दादा कायम खां का 600वां यौम-ए -शहादत के मौके पर शुक्रवार को दारे कायम ददरेवा में फातिहाखानी करके खिराजे अकीदत पेश की गई।

समारोह में चूरू, पीथीसर, झारिया, सहजूसर, राणासर, घांघू, मोडावासी, सरदारशहर, झुन्झुनूं, जयपुर व सीकर जिले के कायमखानियों ने शिरकत की। समारोह में शिरकत करते हुए पूर्व सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनुस खान ने कौम की तरक्की के लिए जरूरी बातों पर चर्चा की और कहा कि अपने बच्चों की पढाई—लिखाई पर ध्यान दें और वर्तमान समय के मुताबिक नई पीढ़ी को तैयार करें।

शेर खान मलकाण ने कायमखानियों के इतिहास पर चर्चा करते हुए बताया कि कायमखानियों का उद्गम घांघू के संस्थापक राजा घंघ के वंशज जयसिंह, जबर सिंह और कर्मसिंह को इस्लाम धर्म में दीक्षित किए जाने से हुआ। जय सिंह का नाम जैनुल आबदीन खां रखा और उन्हें नारनौल का नबाब बना दिया गया। जबर सिह का नाम जबरदी खां रखा गया, उनको केङ का नबाब बना दिया गया और कर्म सिंह का नाम कायम खां रखा जाकर उन्हें हिसार की नवाबी दी गई।

इस दौरान तारानगर पंचायत समिति के प्रधान जय सिंह मेघवाल, कर्नल शोकत खां संयोजक कायमखानी महासभा राजस्थान, लियाकत खां भुवाण पूर्व डीएसओ, भंवरूखां ठेकेदार, मुन्शी खां चान्दखानी, आरिफखां, सत्तार खां जोईया, जाकिर खां, रियाजत खां, सदीक खां मलवाण मोडावासी सहित कई गणमान्य लोगों ने शिरकत की। फातिहा कारी करामत खां ने करवाई और दुआएं मग्फिरत की गई। संचालन कर्नल शौकत खां ने किया। शेर खान मलकाण ने बताया कि कायम खां डे केवल राजस्थान ही नहीं, अपितु देश के बाहर सऊदी अरब, दुबई, इंग्लैंड, पाकिस्तान में भी मनाया गया।

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