मोस्टवांटेड ईनामी बदमाष विनोद मिताथल राजस्थान से काबू
May 20th, 2019 | Post by :- | 32 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )      ।     हरियाणा पुलिस द्वारा राजस्थान के चूरू जिले से मोस्टवांटेड व ईनामी बदमाष विनोद मिताथल को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में चार दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। विनोद की गिरफतारी पर तीन लाख रुपये का नकद इनाम भी घोषित है तथा यह पिछले नौ साल से फरार चल रहा था।

भिवानी पुलिस द्वारा अपराधी की गिरफतारी पर दो लाख रुपये का नकद इनाम और रोहतक और झज्जर पुलिस द्वारा 50,000 रुपये के ईनाम की घोषणा की गई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन 9 एमएम पिस्टल, 6 कारतूस और 315 बोर के 9 कारतूस भी बरामद किए हैं।
भिवानी पुलिस के एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम व साइबर सेल को कल शाम को विष्वसनीय सूचना मिली कि कुख्यात अपराधी विनोद मिताथल राजस्थान के चुरु जिले के सरदारषहर पुलिस स्टेषन के दुदलासर गांव में झोंपड़ी व तलघर बनाकर रह रहा है। इस पर पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री गंगा राम पुनिया द्वारा एक टीम बनाकर रवाना की गई। टीम ने सरदार शहर पहुंचकर वहां की स्थानीय पुलिस का सहयोग लिया व ठिकाने पर रेड की। जहां से विनोद मिताथल को काबू किया गया।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), श्री मनोज यादव ने एसपी भिवानी और उनकी टीम को मोस्टवांटेड अपराधी को पकड़ने के लिए बधाई दी है।

उक्त अपराधी के खिलाफ अब तक रिकाॅर्ड के अनुसार हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती व अपहरण जैसे 50 अभियोग अंकित है, जिसमें से 12 अभियोगों में सजा हो चुका है। वह एक मामले में आजीवन कारावास की सजा के बाद पैरोल पर आया था। आरोपी ने जेल जाने से बचने के लिए वर्ष 2010 में अपने अपहरण का झूठा नाटक किया।
पुलिस द्वारा प्रवीण वासी मालवास देवसर जिला भिवानी, जो कि विनोद मिताथल का मुख्य सहयोगी रहा है जिसने विनोद के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या, हनुमान प्रसाद व्यापारी का अपहरण, क्रेटा कार स्नेचिंग जैसी वारदातों को अजंाम दिया है को भी आज भिवानी से गिरफ्तार किया गया।

अभी तक प्राथमिक पूछताछ में विनोद ने पैरोल से फरार होने के बाद निम्नलिखित वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है –

1. दिनांक 12.12.2016 को विनोद मिताथल ने अपने साथियों सुनिल वासी बजीणा, विक्की उर्फ काणा वासी दादरी व अन्य के साथ मिलकर डाॅक्टर के.एल. बावा का अपहरण करके हत्या करके बीरही छपार के जंगल में शव जला दिया गया व पीडि.त की गाड.ी फतेहगढ गांव के पास जला दी गई थी। इसके सम्बन्ध में मुकदमा संख्या 494 दिनांक 12.12.2016 धाराधीन 302/201/435/34 आईपीसी थाना-सदर दादरी दर्ज किया गया था। उक्त अभियोग अभी तक अनट्रेस था।

2. दिनांक 09.04.2018 को श्री हनुप्रसाद व्यापारी तेल मील व उनके पुत्र का विनोद मिताथल द्वारा अपने सहयोगी प्रवीण वासी मालवास देवसर , प्रेम वासी गोपालवास व रामनिवास निवासी दुलरासर थाना सरदारषहर जिला चुरु के साथ मिलकर अपहरण करके मारपीट करके छोड. दिया था। इसके सम्बन्ध में मुकदमा संख्या 198 दिनांक 10.04.2018 धाराधीन 341/365/395/506 आईपीसी व धारा 25 शस्त्र अधिनियम 1959 आईपीसी थाना – शहर भिवानी दर्ज किया गया था। उक्त अभियोग में भी अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हुई थी।

3. दिनांक 07.08.2018 को श्री हनुप्रसाद व्यापारी से बापोड़ा स्थित तेल मील पर एक पत्र फेंककर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा 57 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। इस सम्बन्ध में अभियोग संख्या 552 दिनांक 07.08.2018 धाराधीन 384/506 आईपीसी के तहत् दर्ज किया गया था। आरोपी के अनुसार उक्त वारदात में वह स्वयं अर्थात विनोद मिताथल व रामनिवास निवासी दुलरासर थाना सरदारषहर जिला चुरु शामिल थे।

4. दिनांक 01.04.2019 को बीरण बापोडा रोड. से क्रेटा गाड़ी छीनी गयी थी जिसपर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अभियोग संख्या 137/2019 धाराधीन 379-बी आईपीसी के तहत् दर्ज किया गया था। आरोपी के अनुसार उक्त वारदात को अंजाम देने में वह स्वयं अर्थात विनोद मिताथल, प्रवीण वासी मालवास देवसर, पे्रम वासी गोपालवास व रामनिवास वासी दुलरासर शामिल थे।

5. आरोपी के अनुसार सुनिल वासी बजीणा जो कि इसका सहयोगी रहा है कि हत्या करके शव सुई बलियाली नहर में फेंक दिया।
6. आरोपी के अनुसार विकास वासी बजीणा की हत्या करके शव धनाना के खेतों में जला दिया।
7. आरोपी के अनुसार उसने प्रवीण वासी मालवास के साथ मिलकर प्रवीण के पिता जयबीर वासी मालवास की चांग से पास हत्या कर दी।
8. आरोपी के अनुसार नवीन वासी पुर जाति अनुसूचित को मारकर धनाना के खेतों में जला दिया।
9. आरोपी के अनुसार उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नवीन शर्मा वासी पुर को मारकर हेतमपुरा – लल्हाना के रास्तें में शव फेंक दिया।
उक्त वारदातों के सम्बन्ध में सम्बन्धित थाने के रिकाॅर्ड से सत्यापन करवाया जा रहा है।

आरोपियों को कल इलाका मजिस्ट्रेट के सम्मुख अदालत में पेष किया जाएगा व पुलिस रिमाण्ड हेतु अलग से अभ्यावेदन दिया जाएगा ताकि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा सके व स्वीकार की गई वारदातों का सत्यापन किया जा सके।