बारात की गाड़ियों की तरह सजी अलग – अलग रंग की आधा दर्जन गाड़ियों में सवार होकर पहुंची थी पुलिस
February 23rd, 2019 | Post by :- | 1054 Views
नूंह मेवात ,( लियाकत अली )  ।   इकराम कुरैशी गैंग को दबोचने के लिए खाकी ने पूरी तरह रणनीति बनाकर दिमाग का पूरा इस्तेमाल किया। बदमाशों को उनके अभियान की भनक तक न लगे , इसलिए निजी वाहनों और अलग -अलग कंपनी ही नहीं बल्कि कलर की आधा दर्जन गाड़ियों में किसी बारात के काफिले की तरह गुरुवार सुबह आठ बजे के करीब घटनास्थल तक पहुंची। एक गाड़ी पर फूल – मालाओं तक की सजावट की गई ताकि बदमाश बारात की गाड़ियां समझकर भागने में सफल नहीं हो सकें।
 ग्रामीणों के मुताबिक न्यू कोट ड्रेन बिसरू , पैमाखेड़ा , बड़का गांवों से होकर गुजरती है। ड्रेन पर शाहिद और सरफु के जो मकान बने हुए हैं। उसके लिए ड्रेन की पटरी से ही गाड़ियां लेकर पहुंचना संभव है। पुलिस की जिस तरह रणनीति और पुख्ता मुखबरी थी , उसके लिए शायद लंबे समय से खाकी विचारणीय थी। इलाके की रेकी की बात पर भी इसलिए मोहर लग रही है कि जिस जगह और मकसद तक पहुंचने में स्थानीय पुलिस कामयाब नहीं हुई। उस मकसद को रेवाड़ी से आई पुलिस ने कैसे हांसिल कर लिया। इस मिशन पर कई दिन की कड़ी मेहनत और दिमाग का पूरा इस्तेमाल किया गया। पुलिस के बुने गए इसी जाल में इकराम कुरैशी गिरोह के बदमाश फंस गए। इस घटना में अरसद पहलवान की पुलिस की गोली से जान जा चुकी है , तो 50 हजार का इनामी बदमाश इकराम कुरैशी अब अपने चार साथियों सहित पुलिस हत्थे चढ़ चुका है। इन्हीं गाड़ियों की वजह से बदमाश न्यू कोट ड्रेन पर रखे कुंडे में स्नान की तैयारी करते रहे , जब गाड़ियां नजदीक पहुंची और धड़ाधड़ पुलिस के जवान बदमाशों पर टूट पड़े तो उन्हें कुछ नहीं सूझा। किसी को दबोच लिया तो किसी को गोली मारने के बाद भागने लायक नहीं छोड़ा। अरसद पहलवान ने कुछ मीटर दूर शायद भागने की कोशिश की , जिसकी वजह से उसके सिर में गोली मारी गई , जिससे उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। यहां एक बात काबिलेगौर है कि जो अरसद और इकराम कुरैशी कई बार पुलिस पर फायरिंग करके खाकी के पसीने छुड़ा चुके हैं , वो इतनी आसानी से कैसे सभी के सभी हत्थे चढ़ गए। इसलिए एक कहावत आम है कि बदमाश कितना भी ताकतवर एवं शातिर हो , लेकिन खाकी के लंबे हाथ उसके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं।