134 ए के तहत दाखिला नहीं दिए जाने से परेशान अभिभावक, दर्जनों अभिभावकों ने एसडीएम से की शिकायत
May 15th, 2019 | Post by :- | 19 Views

होडल: नियम 134 ए के तहत बच्चों के दाखिलों को लेकर अभिभावकों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर निजी स्कूल संचालक बीपीएल छात्रों को ही दाखिला देने की जिद पर अडे हुए हैं तो अभिभावक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शर्तों को पूरा करते हुए बच्चों को दाखिला दिलाने पर अडे हुए हैं। निजी स्कूलों की मनमर्जी के चलते बच्चों का भविष्य खराब होता दिखाई दे रहा है। 134 ए के तहत बच्चों को दाखिला कराने की 10 मई तय की गई थी लेकिन निर्धारित समय सीमा तक भी निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों के दाखिला नहीं किए जिसके कारण कई दर्जन छात्र और अभिभावक दाखिला के मामले को लेकर बुधवार को एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और मामले की शिकायत एसडीएम वत्सल्य वशिष्ठ से की। जिस पर एसडीएम ने अभिभावकों की समस्या सुनने के बाद खड शिक्षा अधिकारी मामराज रावत व निजी स्कूल संचालकों को तलब कर लिया। बाद में एसडीएम ने निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक की और छात्रों को 134 के तहत दाखिला कराने के निर्देश दिए। अब देखना है कि निजी स्कूल संचालक 134 ए के तहत कितने छात्रों को दाखिला देते हैं या फिर भी अभिभावकों के साथ इसी प्रकार से टालमटोल का रवैया अपनाते हैं। हालांकि एसडीएम ने अभिभावकों को भी भरोसा दिलाया है कि वह लिखित पत्र के साथ निजी स्कूल संचालकों से सम्पर्क कर बच्चों के दाखिला कराएं। अगर कोई दिक्कत आती है तो उन्हें बताएं। उक्त नियम के तहत दाखिला नहीं किए जाने के मामले को लेकर अभिभावक और छात्र पिछले काफी दिनों से निजी स्कूल और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अभिभावकों का कहना था कि सरकार द्वारा 134 ए के तहत दाखिला कराना उनके जी का जंजाल बन गया है। स्कूल संचालक बच्चों के भविष्य के साथ खिलावाड कर रहे हंै। उनका कहना था कि जब विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पत्र के बाद भी निजी स्कूल संचालक दाखिला करने से इंकार कर अपने नियम थोप रहे हैं तो फिर विभाग ने बच्चों को पत्र ही जारी क्यों किए थे। उनका कहना था कि निजी स्कूल संचालकों की मनमर्जी से बच्चों का भविष्य खराब होता दिखाई दे रहा है। अभिभावकों की भीड और हंगामे को देखकर जहां शिक्षा विभाग में हडकंप मचा हुआ है,वहीं निजी स्कूल संचालकों पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी मामराज रावत का कहना था कि 134 ए के तहत पात्र सभी बच्चोंं को विभाग द्वारा तय शर्तों के अनुसार निजी स्कूलों में दाखिला दिए जाएंगे। बच्चों के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। अगर किसी के प्रमाण बोगस मिलते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।