वीरभद्र सिंह स्टार कंपेनर नहीं बल्कि एंटरटेनर :   विजय सिंह मानकोटिया
May 15th, 2019 | Post by :- | 3 Views
     ऐसा कैसे हो सकता है कि मेजर विजय सिंह मानकोटिया लंबे समय तक चुप रहें, आखिर आज उन्होंने लोस चुनाव के अंतिम दौर में सामने आते ही पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह को निशाने पर ले लिया। धर्मशाला पत्रकारों के समक्ष मानकोटिया ने कहा कि वीरभद्र सिंह स्टार कंपेनर नहीं बल्कि एंटरटेनर के रूप में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने वीरभद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका बीजेपी के साथ कोई गुप्त समझौता हुआ होगा तभी उनकी सहायता कर रहे हैं। यही नहीं मानकोटिया ने कांगड़ा की राजनीति को नुकसान पहुंचाने के लिए संगठन को दर किनार करने का भी आरोप मढ़ा।
मानकोटिया ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस को वीरभद्र सिंह ने रियासत समझ रखा है और सारे दरबारी उनके आसपास इकट्ठे हो गए हैं। उनके भाषणों से ये पता ही नहीं चलता कि वो अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं या उनके विपक्ष में। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पर्दे के पीछे कोई समझौता हुआ हो जिसके चलते वीरभद्र सिंह ने बीजेपी को ये वादा किया हो कि उनके खिलाफ जो मामले चल रहे हैं उसकी एवज में हिमाचल से सभी सीटें बीजेपी को जाएं। मानकोटिया ने कहा कि ऐसा सुना जा रहा है कि वीरभद्र सिंह को बीजेपी की ओर से कहा गया है कि आप जितना हो सकता है कांग्रेस को नुकसान पहुंचाओ हम आप को जेल नहीं जाने देंगे। क्योंकि वीरभद्र सिंह कोर्ट में चल रहे अपने मामलों को लेकर बहुत डरे हुए हैं करोड़ों रुपए भी खर्च कर चुके हैं।
      मानकोटिया ने कहा कि वीऱभद्र सिंह ने पंडित सुखराम तक को अभी तक नहीं माफ किया है हालांकि उनके पौत्र की पीठ जरूर थपथपा जाते हैं। हमीरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर जो वीरभद्र सिंह के खासमखास माने जाते हैं उनका तो राहुल गांधी की रैली के दौरान मंच से नाम तक नहीं लिया। यही हाल धनी राम शांडिल का है। मानकोटिया ने कहा कि इसे पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि इस बार लोकसभा चुनावों में वीरभद्र सिंह की मर्जी के नेता नहीं उतारे गए हैं। केवल कांगड़ा-चंबा सीट से पवन काजल ही वीरभद्र सिंह की पंसद के नेता है। पवन काजल का इतना बड़ा कद नहीं है कि उन्हें चुनाव में उतारा जाए। सुनियोजित साजिश के साथ कांगड़ा के साफ छवि के नेताओं दरकिनार किया है।