बीकानेर सम्भाग में टूटी फूटी सड़कें, बदहाल पुल, और अधूरे पड़े विकास कार्यों का नहीं कोई धनि धोरी,नेताओं के पास जुमलों की छड़ी!
April 15th, 2019 | Post by :- | 8 Views

श्रीगंगानगर,(लोकहित एक्सप्रैस)।बीकानेर सम्भाग में नेशनल हाइवे 62 पर गांव में हिंदौर के समीप टोल नाका प्रारंभ होने से पहले विवादों में आ गया है। टोल कंपनी एमबीएल की ओर से सड़क का निर्माण व कई पुलों का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। हाइवे पर अधूरे पड़े और क्षतिग्रस्त पुलों से हादसे की आशंका को बढ़ा दिया है। कंपनी के आश्वासन के बाद भी इनका निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरे नहीं किए जाने के बावजूद सरकार की ओर से हाइवे के निर्माण कार्य कंपनी एमबीएल को टोल वसूली की अनुमति दे दी है ।हाइवे में तीस किलोमीटर की दूरी में पुलों की स्थिति इतनी जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन कंपनी इन पुलों का समय से कार्य पूरा करने में कोई रुचि नहीं दिखा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाइवे का निर्माण पूरा नहीं किये जाने के बावजूद बढ़ी हुई दरों से टोल वसूला जा रहा है साथ ही स्थानीय वाहनों को एक बारगी चार सौ रू देने के बाद टोल वसूली नहीं की जाएगी।ऐसा आश्वासन पहले किए धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और कम्पनी इंचार्ज के साथ वार्ता के बीच में सहमत हुई थी लेकिन इस पर भी एमबीएल कंपनी के अधिकारी खरे नहीं उतरे। टोल टैक्स को लेकर में आए दिन स्थानीय लोगों के साथ झगड़े की नौबत आती रही है और तनाव की स्थिति पैदा होती है ।बार-बार पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ता हैं।हाइवे पर राजियासर के पास विजयनगर कांटे के पास पांच सौ मीटर लंबा पुल दो वर्षों से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। खतरनाक मोड़ पर बने इस पुल पर इससे पहले भी यहां एक बाइक सवार और एक पैदल तीर्थ यात्री की मौत हो चुकी है। हैरानी की बात है कि कंपनी की ओर से यहां कोई बड़ा सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी तरह आई जी एन पी नहर की 236 आरडी बना का पुल भी जर्जर व खतरनाक अवस्था में पहुंच चुका है। पुल पर लोहे की भारी चद्दरें लगा रखी है। इसके अलावा पुल की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई है।ओर निर्माणाधीन कंपनी एम बी एल की ओर से इन पूलों पर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। जिससे इन पुलों में पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन इसको लेकर के कंपनी गंभीर नहीं है।ग्रामीण पेमाराम सारण,मामराज गोदारा, यूसुफ खान, संदीप दहिया, बीरबलराम शर्मा, किशन गोदारा, विनोद गोदारा,अमर सिंह गोदारा, रिछपाल वर्मा, कैलाश सारण, महेंद्र राठौड़ आदि ने बताया कि पूर्व में धरना प्रदर्शन में एमबीएल कंपनी के आश्वासन के बाद भी कंपनी की ओर से क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पुलों का निर्माण नहीं किया गया। इसके बावजूद टैक्स क्यों वसूला जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि निर्माण कंपनी ने शीघ्र इन क्षतिग्रस्त पूलों तथा क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण नहीं किया तो वे एक बार फिर टोल नाके का घेराव व मजबूरन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।शीघ्र शुरू होगें अधूरे पड़े निर्माण कार्य कंपनी के उच्च अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की स्थिति के बारे में अवगत करा दिया गया है। अधूरे पड़े पुलों का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा।