पंजाब

*धर्म सम्मेलन में साधु-सन्यासी बोले, चरित्र के बिना उच्च शिक्षा भी विनाशकारी*

मनोज शर्मा, चंडीगढ़। श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के 55वें धर्म सम्मेलन के तीसरे दिन आज आदर्श जीवन चरित्र परिवार व अध्यात्म दोनों के लिए आवश्यक है विषय पर चर्चा की गई। चंडीगढ़ मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि धर्म सम्मेलन के आज मुख्य वक्ता अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ संस्थान के आचार्य एवं अध्यक्ष ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में उच्च कोटि गुणवत्ता और अति दुर्लभ अनमोल कोई वस्तु है तो वह है चरित्र।

जीवन में यदि आपने बहुत उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त कर ली,बहुत ही ज्यादा राज सत्ता प्राप्त कर ली,शरीर शक्तिशाली बना लिया,धन दौलत बेशुमार अर्जित कर ली लेकिन आपका यदि चरित्र नहीं है तो यह सब व्यर्थ हैं और यह विनाशकारी है। रावण चारों वेदों का ज्ञाता था,शक्तिशाली था,राजसत्ता उसके हाथ में थी, लेकिन चरित्र नहीं था। जिसका परिणाम यह हुआ कि उसने अपना और अपने परिवार का विनाश कर लिया। इसलिए जीवन में चरित्र निर्माण की ओर अधिक से अधिक प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियरिंग कॉलेज के अध्यक्ष गिरधारी लाल जिंदल द्वारा की गई।आज मठ के श्री विग्रह भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु एवं श्री राधा माधव जी के स्थापना दिवस के उपलक्ष पर श्री विग्रहों का पंचामृत से अभिषेक किया गया। उन्हें सुंदर आकर्षक पोशाक एवं आभूषण भेंट किए गए। 56 तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग लगाया गया। बड़े बुजुर्गों विकलांग एवं असहाय लोगों के सुविधा के लिए नवनिर्मित लिफ्ट का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य प्रचारक कार्यकारिणी के सदस्य प्रेम जी गोयल द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आरएसएस व विहिप नेता प्रदीप शर्मा व देवेंदर सिंह भी मौजूद थे। भक्तों में आज अपने श्री राधा माधव जी की जन्म महोत्सव के उपलक्ष पर अति उत्साह उमंग उल्लास भर हुआ था। भक्तों ने संकीर्तन नृत्य गान कर कार्यक्रम का आनंद प्राप्त किया कार्यक्रम के पश्चात भगवान को अर्पित भोग प्रसाद वितरित किया गया।

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